कुरान की आयत

وَ لَا تَكُوْنُوْا كَالَّذِیْنَ نَسُوا اللّٰهَ فَاَنْسٰىهُمْ اَنْفُسَهُمْ اُولٰٓئِكَ هُمُ الْفٰسِقُوْنَ(۱۹)(سورۃ الحشر)
अनुवाद
और तुम उन जैसे न हो जाना जो अल्लाह को भूल बैठे थे, तो अल्लाह ने उन्हें खुद अपने आप से ग़ाफ़िल कर दिया। वही लोग हैं जो नाफ़रमान हैं (19) (सूरह अल-हश्र)
ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?
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ऐसी नमाज़ अब कौन पढ़ेगा?

बयान किया जाता है कि एसाम बिन यूसुफ, हज़रत हातिम असम्म रहमतुल्लाह अलैह की मजलिस में आए और उन पर आपत्ति (ऐतराज़) करना चाहा। अतः एसाम ने हातिम से कहा: "ऐ अबू अब्दुल रहमान!" (यह हातिम की कुन्नियत है) "आप नमाज़ किस तरह अदा करते हैं?" हातिम रहमतुल्लाह अलैह ने उनकी ओर मुतवज्जोह होकर फ़रमाया: "जब नमाज़ का...

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