وَ لَوْ شَآءَ اللّٰهُ لَجَعَلَهُمْ اُمَّةً وَّاحِدَةً وَّ لٰكِنْ یُّدْخِلُ مَنْ یَّشَآءُ فِیْ رَحْمَتِهٖ وَ الظّٰلِمُوْنَ مَا لَهُمْ مِّنْ وَّلِیٍّ وَّ لَا نَصِیْرٍ(۸)(سورۃ الشور...
और अगर अल्लाह चाहता तो उन सबको एक ही जमात (समुदाय) बना देता, लेकिन वह जिसको चाहता है, अपनी रहमत में दाख़िल करता है, और ज...
पूरा पढ़ें