महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के संस्थापक राज ठाकरे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में 96 लाख फर्जी मतदाताओं को शामिल किया गया, जिनका इस्तेमाल 2024 के विधानसभा चुनावों में भी किया गया था। मुंबई के गोरेगांव में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने स्थानीय निकाय चुनावों को तब तक टालने की मांग की, जब तक कि सभी दलों की मंजूरी न मिल जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि 'भाजपा ने मतदाताओं की हेराफेरी से चुनाव जीते, लेकिन अब जनता चुप नहीं रहेगी।'
आरोपों का विवरण:
ठाकरे ने दावा किया कि मुंबई में 8-10 लाख, और ठाणे, पुणे व नासिक में 8-8.5 लाख फर्जी मतदाताओं को शामिल किया गया, जो महायुति गठबंधन की 232 सीटों पर जीत का राज है। उन्होंने कहा: "मतदाताओं की हेराफेरी जनता की भागीदारी को नजरअंदाज करके परिणाम तय करती है।" ठाकरे ने मोदी का एक पुराना वीडियो दिखाया, जहां उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया था, और कहा कि 'भाजपा अब खुद उसी आयोग का इस्तेमाल कर रही है।' ये आरोप स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच आए हैं, जहां पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। चुनाव आयोग ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।
राजनीतिक संदर्भ:
मनसे प्रमुख ने महायुति गठबंधन (भाजपा, शिवसेना, एनसीपी) पर क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने 2016-17 से ईवीएम (EVM) और वोटर लिस्ट में विसंगतियों की ओर इशारा किया। भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा: "यह हार का बहाना है।" विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद 2027 के स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित कर सकता है, जहां वोटर लिस्ट की जांच महत्वपूर्ण होगी।
"वोटर लिस्ट में हेराफेरी लोकतंत्र का अपमान है, निष्पक्ष चुनाव की मांग करना जनता का अधिकार है।" — राज ठाकरे
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संदर्भ:
द हिंदू, इंडिया टुडे, टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, द इंडियन एक्सप्रेस, एक्स पोस्ट