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पंजाब में बाढ़: 23 जिले प्रभावित, 3.84 लाख लोग खतरे में, लुधियाना से नरवाला तक तबाही

पंजाब में भीषण बाढ़ का संकट मंडरा रहा है, 23 जिलों के 1,948 गांव जलमग्न हैं और 3.84 लाख लोग प्रभावित हैं। उफनती सतलुज नदी ने लुधियाना से लेकर नोरवाला तक तबाही मचा दी है, जिसमें 43 लोगों की जान चली गई है। सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन दिन-रात बचाव अभियान में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। लुधियाना में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ससराली, बोंट और मंगली टांडा समेत लुधियाना के 15 गांव गंभीर खतरे में हैं, जहां सतलुज नदी के तेज बहाव ने रंग बांध को कमजोर कर दिया है। पिछले 48 घंटों में 16 फीट कटाव के कारण किसानों के ट्यूबवेल बह गए हैं और पानी राहून रोड, नोरवाला रोड और समराला चौक जैसे शहरी इलाकों तक पहुंच सकता है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर बांध टूटता है तो 50,000 से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। सेना और एनडीआरएफ की टीमें कटाव को रोकने में नाकाम रही हैं, लेकिन बचाव अभियान जारी है। होशियारपुर में भीषण दुर्घटना: होशियारपुर के मागोवाल गांव के पास चांटपूर्णी-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक एम्बुलेंस खाई में गिर गई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। बाढ़ के कारण सड़कों की खराब हालत की वजह से यह दुर्घटना हुई। राहत कार्य और नुकसान: अब तक 21,929 लोगों को सुरक्षित निकालकर 196 राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है, जिनमें फाजिल्का (2,548), होशियारपुर (1,041) और फिरोजपुर (776) के शिविर शामिल हैं। 1.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि नष्ट हो गई, जबकि गुरदासपुर (40,169 हेक्टेयर) और अमृतसर (26,701 हेक्टेयर) सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नांगल के ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर के संरक्षण के लिए 1.27 करोड़ रुपये आवंटित किए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार से तत्काल सहायता की मांग की, जबकि अभिनेता अक्षय कुमार ने 5 करोड़ रुपये दान किए। भविष्य की चिंताएं: विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ गई है, जिससे पंजाब की नदियों और बांधों पर दबाव बढ़ गया है। राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मांड्यान ने कहा, "हम हर प्रभावित व्यक्ति को सहायता प्रदान करेंगे।" केंद्रीय टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है। “इस विपत्ति में हमारे लोग अकेले नहीं हैं, हम सब मिलकर इसे हराएंगे।” — भगवंत मान। संदर्भ: द हिंदू, न्यूज18, आउटलुक इंडिया, टाइम्स ऑफ इंडिया भारत, Babushahi.com, X-Post