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दिल्ली में बाढ़ का खतरा, हथानी कुंड बैराज के सभी 18 गेट खोले गए, भाखरा-पोंग बांध में भी जलस्तर बढ़ रहा है

पहाड़ों में भारी बारिश से यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश ने स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। हरियाणा के हथानी कुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इससे दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाना शुरू कर दिया है। इस बीच, भाखरा बांध का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब है, जबकि पोंग बांध का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। दिल्ली में यमुना नदी की स्थिति: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। हथानी कुंड और वज़ीराबाद बैराज से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति को गंभीर बताते हुए बाढ़ से निपटने वाले सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। खबर है कि बूढ़ा रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 204.5 मीटर पर खतरनाक माना जा रहा है, जबकि 205.30 मीटर पर यह खतरे के निशान से ऊपर है। वर्तमान जलस्तर 205.15 मीटर है। अगले दो दिनों में दिल्ली में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा। 2023 में यमुना की सबसे खराब स्थिति: 2023 में, 11 जुलाई को हथानी कुंड बैराज से लगभग 3,59,760 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 208.66 मीटर के सबसे करीब पहुंच गया था। इस साल दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। मयूर विहार में यमुना का पानी घरों तक पहुंच गया था, जिसके चलते वहां के निवासियों को प्रशासन के राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया। कश्मीरी गेट, यमुना बाजार, मठ, सराय काले खान और पुरानी दिल्ली समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भाखरा और पोंग बांध की स्थिति: भाखरा बांध में जल प्रवाह बढ़ गया है। वर्तमान में बांध में जलस्तर 1661.17 फीट तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 1680 फीट है। गोविंद सागर झील में जलस्तर 69,759 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से केवल 18 फीट ऊपर है। नीचे देखें। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो भाखरा बांध के बाढ़ द्वार कभी भी खोले जा सकते हैं। वहीं, पोंग बांध का जलस्तर 1380 फीट के खतरे के निशान को पार कर 1382.20 फीट तक पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक है। गुजरात में भी बारिश का कहर जारी है। गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार पहाड़ी के पास कश्मीरी बापू प्लेस स्थित एक चेक डैम में भारी बारिश के कारण लगभग 50 से 60 लोग फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके अलावा, जूनागढ़-राजकोट राजमार्ग पर झंझारदा चौराहे पर जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। समाचार स्रोत: न्यूज़ 24, न्यूज़ 18, हिंदी टाइम्स नाउ, हिंदी पंजाब केसरी, एमएसएन वेब, दुनिया हिंदी, जगत क्रांति, नवभारत टाइम्स, एबीपी लाइव, इंडिया टीवी