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बहू की साजिश: ससुर को जहर देने की योजना का पर्दाफाश

घटना का विवरण: 20 जुलाई, 2025 की शाम को उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के करारी थाना क्षेत्र के मलकिया बाजा खारम गांव में एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मालती देवी नाम की एक महिला ने अपने ससुराल वालों में से आठ को खत्म करने के लिए आटे में सल्फस (एक जहरीला रसायन) मिला दिया था। उसकी योजना जहरीली रोटियां खिलाकर पूरे परिवार को एक ही झटके में मार डालने की थी। लेकिन उसकी ननद मंजू देवी ने आटे से आ रही अजीब गंध को भांप लिया और इस तरह एक बड़ी त्रासदी टल गई। पुलिस ने मालती देवी, उसके पिता कालूप्रसाद और भाई बजरंग को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ हत्या की साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जहरीले आटे का नमूना फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। साजिश की जड़: ससुराल वालों से झगड़े: पूछताछ के दौरान मालती देवी ने खुलासा किया कि वह अपनी ननद मंजू देवी के साथ रोजाना होने वाले झगड़ों से तंग आ चुकी थी। घरेलू झगड़ों और कथित मानसिक पीड़ा ने उसे इस हद तक मजबूर कर दिया था कि उसने पूरे ससुराल को खत्म करने का फैसला कर लिया। उसने अपने पिता कालूप्रसाद और भाई बजरंग के साथ मिलकर यह भयानक साजिश रची। एक पूर्व पोस्ट में कहा गया है: “मालती देवी की यह साजिश रिश्तों की नींव हिला देगी। यह अविश्वसनीय है कि एक बहू अपने ही ससुराल वालों के खिलाफ इतना गंभीर कदम उठा सकती है।” पृष्ठभूमि: घरेलू कलह और व्यवहार में बदलाव: मालती देवी का विवाह 2014 में बृजेश कुमार मोरी से हुआ था, जो सऊदी अरब में सहायक के रूप में काम करते हैं। शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए और शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन जब बृजेश सऊदी अरब वापस चले गए, तो मालती अपने बच्चों के साथ ससुराल में अकेली रह गईं। उसी समय, उनके देवर के साथ विवाद शुरू हो गए। परिवार के सदस्यों ने बताया कि मालती अक्सर सूट और सलवार पहनकर खेतों में जाती थीं और घंटों मोबाइल पर किसी से बात करती रहती थीं। जब बृजेश सऊदी अरब से लौटे, तो उन्होंने भी अपनी पत्नी के व्यवहार में बदलाव देखा और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन नतीजा सिर्फ झगड़ों के रूप में निकला। सल्फास की दुर्गंध ने द्वार खोल दिया: 20 जुलाई की शाम को, जब परिवार रोटियां बनाने की तैयारी कर रहा था, मंजू देवी ने आटे से एक अजीब गंध महसूस की। रंग भी गहरा दिख रहा था। ब्रजेश को सल्फस जैसी गंध भी आ रही थी। जब मालती से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने कबूल किया कि उसने आटे में सल्फस मिलाकर उसे जहरीला बनाया था। उसने यह भी बताया कि उसने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर पूरे परिवार को मारने की योजना बनाई थी। पुलिस कार्रवाई: ब्रजेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और करारी पुलिस स्टेशन ने मालती देवी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान मालती ने अपने पिता और भाई की संलिप्तता का खुलासा किया। पुलिस ने कलुप्रसाद और बजरंग को भी गिरफ्तार कर लिया। जहरीले आटे का एक नमूना सल्फस की मौजूदगी की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (आईपीसी की धारा 307) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गांव में सन्नाटा और सोशल मीडिया पर हंगामा: इस घटना ने मलिक्या बाजा खराम गांव में सन्नाटा छा दिया है। गांव के बुजुर्ग और युवा सभी इस बात से हैरान हैं कि एक बहू अपने ही परिवार के खिलाफ इतनी घिनौनी साजिश कैसे रच सकती है। एक बुजुर्ग महिला ने कहा: “हमने कभी नहीं सोचा था कि घरेलू विवाद इतना बड़ा रूप ले लेगा।” यह बेहद खतरनाक मोड़ ले सकता है। यह रिश्तों के लिए शर्मनाक क्षण है।” इस घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है। एक पूर्व पोस्ट में कहा गया है: “कौशांबी की इस घटना ने साबित कर दिया है कि घरेलू झगड़े समय पर हल न होने पर कितने विनाशकारी हो सकते हैं।” कानूनी और सामाजिक निहितार्थ: यह घटना रिश्तों की नाजुकता और घरेलू झगड़ों के गंभीर परिणामों की याद दिलाती है। मालती देवी की साजिश ने न केवल उनके ससुराल वालों का भविष्य बल्कि उनके अपने बच्चों का भविष्य भी खतरे में डाल दिया। तत्काल पुलिस कार्रवाई और फोरेंसिक जांच के जरिए मामले की तह तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फोरेंसिक रिपोर्ट में सल्फस की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो आरोपी को कड़ी सजा मिल सकती है। निष्कर्ष: मालती देवी की यह कहानी एक ऐसी चेतावनी है जो हमें रिश्तों के महत्व और घरेलू झगड़ों को समय पर हल करने की आवश्यकता पर विचार करने के लिए मजबूर करती है। एक छोटा सा झगड़ा, अगर समय पर हल न किया जाए, तो पूरे परिवार के विनाश का कारण बन सकता है। जैसा कि एक ग्रामीण ने कहा: “यह घटना हमें प्यार और धैर्य के साथ रिश्तों को संभालने की सीख देती है।” "ऐसा होना ही चाहिए, वरना नफरत की आग सब कुछ जलाकर राख कर देगी।" पुलिस जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट के नतीजे इस मामले में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। फिलहाल, कौशांबी का यह गांव इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, जबकि मालती देवी और उसके साथी कानून के शिकंजे में हैं। स्रोत: आज तक: अमर उजाला: एक्स-पोस्ट: