admin
13 October, 2024
दुनिया दिल और दिमाग को एक ही खाने में रख देती है, दोनों का सिरा एक दूसरे से इस तरह मिला देती है जैसे उनमें कोई अंतर या विशेषता न हो, या फिर एक छोर यह है कि दोनों के बीच इस कदर दूरी पैदा कर देती है जैसे दोनों का अस्तित्व ही एक दूसरे से दूर और अलग रहना हो। सही बात यह है कि दोनों ही रास्ते अतिवाद (انتہ...