उम्मह लेख

दिल और दिमाग का संतुलन
लेख

दिल और दिमाग का संतुलन

दुनिया दिल और दिमाग को एक ही खाने में रख देती है, दोनों का सिरा एक दूसरे से इस तरह मिला देती है जैसे उनमें कोई अंतर या विशेषता न हो, या फिर एक छोर यह है कि दोनों के बीच इस कदर दूरी पैदा कर देती है जैसे दोनों का अस्तित्व ही एक दूसरे से दूर और अलग रहना हो। सही बात यह है कि दोनों ही रास्ते अतिवाद (انتہ...