कुरान की आयत

يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا قُوا أَنْفُسَكُمْ وَأَهْلِيكُمْ نَارًا وَقُودُهَا النَّاسُ وَالْحِجَارَةُ عَلَيْهَا مَلَائِكَةٌ غِلَاظٌ شِدَادٌ لَا يَعْصُونَ اللَّهَ مَا أَمَرَهُمْ وَيَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ(۶)(سورۃ التحریم)
अनुवाद
ऐ ईमान वालो! अपने आप को और अपने घर वालों को उस आग से बचाओ जिसका ईंधन इंसान और पत्थर होंगे। उस पर सख़्त कड़े मिज़ाज के फ़रिश्ते मुक़र्रर हैं जो अल्लाह के किसी हुक्म में उसकी नाफ़रमानी नहीं करते, और वही करते हैं जिसका उन्हें हुक्म दिया जाता है। (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
कमाल है भाई!
लेख

कमाल है भाई!

हमारे घर के करीब एक बेकरी है। अक्सर शाम के वक्त काम से वापसी पर मैं वहां से सुबह नाश्ते के लिए कुछ सामान लेकर घर जाता हूं। आज जब सामान लेकर बेकरी से बाहर निकल रहा था कि हमारे पड़ोसी इरफान भाई मिल गए। वह भी बेकरी से बाहर आ रहे थे। मैंने सलाम-दुआ की और पूछा, "क्या ले लिया इरफान भाई?" कहने लगे, "कुछ नह...

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