وَ هُوَ الَّذِیْ خَلَقَ مِنَ الْمَآءِ بَشَرًا فَجَعَلَهٗ نَسَبًا وَّ صِهْرًا وَ كَانَ رَبُّكَ قَدِیْرًا(۵۴)(آسان ترجمۃ القران)
अनुवाद
और वही है जिसने पानी से इंसान को पैदा किया, फिर उसको नसबी और ससुराली रिश्ते अता किए, और तुम्हारा परवरदिगार बड़ी क़ुदरत वाला है। (54) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)