لَنْ تَنْفَعَكُمْ اَرْحَامُكُمْ وَ لَاۤ اَوْلَادُكُمْ یَوْمَ الْقِیٰمَةِ یَفْصِلُ بَیْنَكُمْ وَ اللّٰهُ بِمَا تَعْمَلُوْنَ بَصِیْرٌ(۳)(سورۃ الممتحنہ)
अनुवाद
क़ियामत के दिन न तुम्हारी रिश्तेदारियां हरगिज़ तुम्हारे काम आएंगी, और न तुम्हारी औलाद। अल्लाह ही तुम्हारे दरम्यान फ़ैसला करेगा, और तुम जो कुछ करते हो, अल्लाह उसे पूरी तरह देखता है। (3) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)