कुरान की आयत

وَمِنَ النَّاسِ مَن يَعْبُدُ اللَّهَ عَلَىٰ حَرْفٍ ۖ فَإِنْ أَصَابَهُ خَيْرٌ اطْمَأَنَّ بِهِ ۖ وَإِنْ أَصَابَتْهُ فِتْنَةٌ انقَلَبَ عَلَىٰ وَجْهِهِ خَسِرَ الدُّنْيَا وَالْآخِرَةَ ۚ ذَٰلِكَ هُوَ الْخُسْرَانُ الْمُبِينُ (۱۱)(سورۃ الحج)
अनुवाद
और लोगों में वह शख़्स भी है जो एक किनारे पर रह कर अल्लाह की इबादत करता है। चुनांचे अगर उसे (दुनिया में) कोई फ़ायदा पहुँच गया तो वह उससे मुतमइन हो जाता है, और अगर उसे कोई आज़माइश पेश आ गई तो वह मुँह मोड़ कर (फिर कुफ़्र की तरफ़) चल देता है। ऐसे शख़्स ने दुनिया भी खोई, और आख़िरत भी। यही तो खुला हुआ घाटा है। (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
कुछ सालेहीन के वफात के हालात :
लेख

कुछ सालेहीन के वफात के हालात :

❶. अज़ीम मुहद्दिस और उस्ताद-उत-तबीर इमाम मुहम्मद बिन सीरीन ؒ पर वफात के वक्त गिरिया तारी था और फरमा रहे थे कि "मुझे गुज़िश्ता ज़िंदगी की कोताहियाँ और जन्नत में जाने वाले आमाल में कमी और जहन्नुम से बचाने वाले आमाल की किल्लत पर रोना आ रहा है"। (किताब अल-आकिबते / 69) ❷. मशहूर फकीह और मुहद्दिस इब्राह...

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