عَسَى اللّٰهُ اَنْ یَّجْعَلَ بَیْنَكُمْ وَ بَیْنَ الَّذِیْنَ عَادَیْتُمْ مِّنْهُمْ مَّوَدَّةً وَ اللّٰهُ قَدِیْرٌ وَ اللّٰهُ غَفُوْرٌ رَّحِیْمٌ(۷)(سورۃ الممتحنہ)
अनुवाद
कुछ बईद नहीं है कि अल्लाह तुम्हारे और जिन लोगों से तुम्हारी दुश्मनी है, उनके दरमियान दोस्ती पैदा करदे, और अल्लाह बड़ी क़ुदरत वाला है, और अल्लाह बहुत बख़्शने वाला, बहुत मेहरबान है (7) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)