وَلَا تَقُولَنَّ لِشَيْءٍ إِنِّي فَاعِلٌ ذَٰلِكَ غَدًا (۲۳)إِلَّا أَن يَشَاءَ اللَّهُ ۚ وَاذْكُر رَّبَّكَ إِذَا نَسِيتَ وَقُلْ عَسَىٰ أَن يَهْدِيَنِ رَبِّي لِأَقْرَبَ مِنْ هَٰذَا رَشَدًا (۲۴)(سورۃ الکہف)
अनुवाद
और (ऐ पैग़म्बर!) किसी भी काम के बारे में कभी यह न कहो कि मैं यह काम कल कर लूंगा, (23) हाँ (यह कहो कि) अल्लाह चाहेगा तो (कर लूंगा) और जब कभी भूल जाओ तो अपने रब को याद करलो, और कहो: ” मुझे उम्मीद है कि मेरा रब किसी ऐसी बात की तरफ़ मेरी रहनुमाई कर दे जो हिदायत में इससे भी ज़्यादा क़रीब हो।" (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)