مَاۤ اَصَابَ مِنْ مُّصِیْبَةٍ فِی الْاَرْضِ وَ لَا فِیْۤ اَنْفُسِكُمْ اِلَّا فِیْ كِتٰبٍ مِّنْ قَبْلِ اَنْ نَّبْرَاَهَا اِنَّ ذٰلِكَ عَلَى اللّٰهِ یَسِیْرٌ(۲۲)(سورۃ الحدید)
अनुवाद
कोई मुसीबत ऐसी नहीं है जो ज़मीन में नाज़िल होती या तुम्हारी जानों को लाहिक़ होती हो, मगर वो एक किताब में उस वक़्त से दर्ज है जब हमने उन जानों को पैदा भी नहीं किया था, यक़ीन जानो यह बात अल्लाह के लिए बहुत आसान है (आसान तर्जुमा क़ुरआन)