कुरान की आयत

مَاۤ اَصَابَ مِنْ مُّصِیْبَةٍ فِی الْاَرْضِ وَ لَا فِیْۤ اَنْفُسِكُمْ اِلَّا فِیْ كِتٰبٍ مِّنْ قَبْلِ اَنْ نَّبْرَاَهَا اِنَّ ذٰلِكَ عَلَى اللّٰهِ یَسِیْرٌ(۲۲)(سورۃ الحدید)
अनुवाद
कोई मुसीबत ऐसी नहीं है जो ज़मीन में नाज़िल होती या तुम्हारी जानों को लाहिक़ होती हो, मगर वो एक किताब में उस वक़्त से दर्ज है जब हमने उन जानों को पैदा भी नहीं किया था, यक़ीन जानो यह बात अल्लाह के लिए बहुत आसान है (आसान तर्जुमा क़ुरआन)
हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)
लेख

हलाल कमाई की अहमियत और मौलाना क़ासिम नानौतवी की आजिज़ी (विनम्रता)

हज़रत मौलाना मुहम्मद क़ासिम साहब नानौतवी (रहमतुल्लाही अलैहि) का मुज़फ़्फ़रनगर में एक थानेदार मुअतक़िद (भक्त/प्रशंसक) था। एक दिन उसने हज़रत मौलाना नानौतवी की दावत की। मौलाना ने देखा था कि थानेदार की कमाई मुश्तबा (संदिग्ध) और मशकूक है, इस वजह से उसकी दावत को नामंज़ूर फ़रमा दिया। थानेदार ने दावत क़ब...

अन्य किताबें

अधिक पुस्तकें

Latest Naats

More Naats

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार