कुरान की आयत

وَ اَنِیْبُوْۤا اِلٰى رَبِّكُمْ وَ اَسْلِمُوْا لَهٗ مِنْ قَبْلِ اَنْ یَّاْتِیَكُمُ الْعَذَابُ ثُمَّ لَا تُنْصَرُوْنَ(۵۴)(سورۃ الزمر)
अनुवाद
और तुम अपने परवरदिगार से लौ लगाओ, और उसके फ़रमाँबरदार बन जाओ क़ब्ल इसके कि तुम्हारे पास अज़ाब आ पहुँचे, फिर तुम्हारी मदद नहीं की जाएगी (54) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)
हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया
लेख

हम तो सुनार थे, लोगों ने हमें लोहार समझ लिया

एक बार मैं शेख हज़रत मौलाना मसीहउल्लाह ख़ान साहब रहमतुल्लाह अलैह के पास बैठा हुआ था और उस समय वहां और कोई नहीं था, केवल मैं था। इसी बीच एक आदमी आया और हज़रत से तावीज़ मांगने लगा। हज़रत ने कहा कि मैं तावीज़ नहीं दिया करता। जाओ भाई जान से ले लो! (भाई जान से मुराद हज़रत के साहबज़ादे हैं, जिन्हें छात्र...

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