कुरान की आयत

ظَهَرَ الْفَسَادُ فِی الْبَرِّ وَ الْبَحْرِ بِمَا كَسَبَتْ اَیْدِی النَّاسِ لِیُذِیْقَهُمْ بَعْضَ الَّذِیْ عَمِلُوْا لَعَلَّهُمْ یَرْجِعُوْنَ(۴۱)(سورۃ الروم)
अनुवाद
लोगों ने अपने हाथों जो कमाई की, उसकी वजह से ख़ुश्की और तरी में फ़साद फैला। ताकि उन्होंने जो काम किए हैं अल्लाह उनमें से कुछ का मज़ा उन्हें चखाए, शायद वो बाज़ आ जाएँ (41) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)
साजिश हो तो ऐसी!
लेख

साजिश हो तो ऐसी!

एक व्यक्ति अपनी पत्नी को लेकर एक धार्मिक विद्वान (आलिम-ए-दीन) के पास आया और कहने लगा: "हज़रत साहब! यह मेरी पत्नी हैं, इन पर अचानक किसी साए (आसिब) का हमला हुआ है, शायद जिन्न चढ़ा है।" जब इमाम साहब ने दम-दुरूद (दुआ) किया तो जिन्न बातें करने लगा। हज़रत साहब: "अभी के अभी बाहर निकलो, वरना मैं... !"...

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