कुरान की आयत

وَ مَا خَلَقْنَا السَّمَآءَ وَ الْاَرْضَ وَ مَا بَیْنَهُمَا بَاطِلًا ذٰلِكَ ظَنُّ الَّذِیْنَ كَفَرُوْا فَوَیْلٌ لِّلَّذِیْنَ كَفَرُوْا مِنَ النَّارِ(۲۷)(سورۃ ص)
अनुवाद
और हमने आसमान व ज़मीन और उनके दरमियान जो चीज़ें हैं उनको फ़ुज़ूल ही पैदा नहीं कर दिया। यह तो उन लोगों का गुमान है जिन्होंने कुफ़्र इख़्तियार कर लिया है, चुनाँचे इन काफ़िरों के लिए दोज़ख़ की शक्ल में बड़ी तबाही है (27) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)
सच्चे मौलवी (अल्लाह वाले) की पहचान
लेख

सच्चे मौलवी (अल्लाह वाले) की पहचान

अगर किसी ख़ैमे (तंबू) पर लिखा हो 'ख़ैमा-ए-लैला' (लैला का तंबू) लेकिन उसमें झाँक कर देखा तो अंदर कुत्ता बँधा हुआ है, तो उस ख़ैमे की कोई क़द्र नहीं होगी बल्कि लोग मज़ाक उड़ाएंगे। इसी तरह मौलवी वह है जो 'मौला' (अल्लाह) वाला हो। उसके ख़ैमे से मौला की ख़ुशबू मिलनी चाहिए, यानी उसकी सोहबत (संगति) में अल...

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