कुरान की आयत

فَاسْتَقِمْ كَمَا أُمِرْتَ وَمَن تَابَ مَعَكَ وَلَا تَطْغَوْا إِنَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ (۱۱۲)(سورۃ ھود)
अनुवाद
लिहाज़ा (ऐ पैगंबर!) जिस तरह तुम्हें हुक्म दिया गया है, उसके मुताबिक़ तुम भी सीधे रास्ते पर साबित क़दम रहो, और वो लोग भी जो तौबा कर के तुम्हारे साथ हैं, और हद से आगे न निकलो। यक़ीन रखो कि जो अमल भी तुम करते हो, वो उसे पूरी तरह देखता है (112) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)
चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम
लेख

चौधरी साहब का त्याग और धार्मिक विद्वानों से प्रेम

...मदरसा के छात्रों के लिए एक चौधरी साल भर का गेहूं मदरसा के लिए वक्फ (दान) करता था। किसी शरारती (द्वेषी) शख्स ने मौलाना साहब के बारे में दुश्मनी और नफरत का इजहार ऐसा किया कि पता मालूम करते-करते चौधरी के घर पहुंच गया और कहने लगा: "चौधरी साहब! मदरसे जाकर पता तो करें कि छात्रों के नाम पर क्या खियान...

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