فَاسْتَقِمْ كَمَا أُمِرْتَ وَمَن تَابَ مَعَكَ وَلَا تَطْغَوْا إِنَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرٌ (۱۱۲)(سورۃ ھود)
अनुवाद
लिहाज़ा (ऐ पैगंबर!) जिस तरह तुम्हें हुक्म दिया गया है, उसके मुताबिक़ तुम भी सीधे रास्ते पर साबित क़दम रहो, और वो लोग भी जो तौबा कर के तुम्हारे साथ हैं, और हद से आगे न निकलो। यक़ीन रखो कि जो अमल भी तुम करते हो, वो उसे पूरी तरह देखता है (112) (आसान तर्जुमा क़ुरआन)