कुरान की आयत

وَمَن نُّعَمِّرْهُ نُنَكِّسْهُ فِي الْخَلْقِ - أَفَلَا يَعْقِلُونَ (۶۸)(سورۃ یس)
अनुवाद
और हम जिस शख़्स को लम्बी उम्र देते हैं, उसे तख़्लीक़ी एतबार से उलट ही देते हैं, क्या फिर भी उन्हें अक़्ल नहीं आती? (68)
खामोश परिंदा
लेख

खामोश परिंदा

हज़रत सुलेमान (अलैहिस्सलाम) के दौर में एक शख़्स ने एक ख़ूबसूरत परिंदा ख़रीदा। वह जब चहचहाता तो उसकी अत्यंत दिलकश और सुरीली आवाज़ से वह शख़्स बहुत ख़ुश होता, मानो उस परिंदे की आवाज़ बहुत ही मीठी और प्यारी थी। एक दिन अचानक उस पिंजरे के पास उसी की तरह का एक और परिंदा आया और अपनी ज़बान में कुछ बातें...

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