कहो कि: सफ़ारिश तो सारी की सारी अल्लाह ही के इख़्तियार में है। उसी के क़ब्ज़े में आसमानों और ज़मीन की बादशाही है, फिर उसी की तरफ़ तुम्हें लौटाया जाएगा। (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
एक बादशाह के दरबार में एक अजनबी नौकरी की तलब लिए हाज़िर हुआ, क़ाबिलियत पूछी गई, कहा कि मैं सियासी हूँ। बादशाह के पास सियासतदानों की भीड़ रहती थी, उसे ख़ास घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज बना लिया गया, जो हाल ही में फ़ौत हो चुका था। चंद दिन बाद बादशाह ने उससे अपने सबसे महँगे और अज़ीज़ घोड़े के मुतअल्लिक़...