कुरान की आयत

كَيْفَ تَكْفُرُوْنَ بِاللّٰهِ وَكُنْتُمْ أَمْوَاتًا فَأَحْيَاكُمْ ثُمَّ يُمِيْتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيْكُمْ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُوْنَ(۲۸)(سورۃ البقرہ)
अनुवाद
तुम अल्लाह के साथ कुफ़्र का तर्ज़े-अमल आख़िर कैसे इख़्तियार कर लेते हो, हालांकि तुम बेजान थे, उसी ने तुम्हें ज़िंदगी बख़्शी, फिर वही तुम्हें मौत देगा, फिर वही तुम को (दोबारा) ज़िंदा करेगा, और फिर तुम उसी के पास लौट कर जाओगे (28) (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
पूर्ण स्वतंत्रता का भ्रम: अभिनेत्री हुमैरा असगर की दर्दनाक कहानी
लेख

पूर्ण स्वतंत्रता का भ्रम: अभिनेत्री हुमैरा असगर की दर्दनाक कहानी

"तो हे आँख वालों! इबरत (सीख) हासिल करो।" यह उन लोगों के लिए एक सबक है जो "मेरा जिस्म, मेरी मर्जी" का नारा लगाते हैं। मर्जी भी उसी की थी और जिस्म भी उसी का था, मगर उसके बाद जो हुआ वह सन्नाटे से गूंजता हुआ एक कमरा था। बंद दरवाजे के पीछे महीनों से खामोश पड़ी एक लाश थी, और आस-पास न कोई रोने वाली आँख...

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