قَالَ فَاذْهَبْ فَإِنَّ لَكَ فِي الْحَيَاةِ أَن تَقُولَ لَا مِسَاسَ ۖ وَإِنَّ لَكَ مَوْعِدًا لَّن تُخْلَفَهُ ۖ وَانظُرْ إِلَىٰ إِلَٰهِكَ الَّذِي ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًا ۖ لَّنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنسِفَنَّهُ فِي الْيَمِّ نَسْفًا (سورہ طہ)
अनुवाद
मूसा ने कहा: "अच्छा तो जा, अब ज़िन्दगी भर तेरा काम यह होगा कि तू लोगों से यह कहा करेगा कि मुझे न छूना। और (इसके अलावा) तेरे लिए एक वादे का वक्त मुक़र्रर है जो तुझसे टाला नहीं जा सकता। और देख अपने इस (झूठे) माबूद को जिस पर तू जमा बैठा था! हम इसे जला डालेंगे, और फिर उसकी (राख) को चूरा-चूरा करके समन्दर में बिखेर देंगे।" (आसान तर्जमतुल क़ुरआन)