कुरान की आयत

قَالَ فَاذْهَبْ فَإِنَّ لَكَ فِي الْحَيَاةِ أَن تَقُولَ لَا مِسَاسَ ۖ وَإِنَّ لَكَ مَوْعِدًا لَّن تُخْلَفَهُ ۖ وَانظُرْ إِلَىٰ إِلَٰهِكَ الَّذِي ظَلْتَ عَلَيْهِ عَاكِفًا ۖ لَّنُحَرِّقَنَّهُ ثُمَّ لَنَنسِفَنَّهُ فِي الْيَمِّ نَسْفًا (سورہ طہ)
अनुवाद
मूसा ने कहा: "अच्छा तो जा, अब ज़िन्दगी भर तेरा काम यह होगा कि तू लोगों से यह कहा करेगा कि मुझे न छूना। और (इसके अलावा) तेरे लिए एक वादे का वक्त मुक़र्रर है जो तुझसे टाला नहीं जा सकता। और देख अपने इस (झूठे) माबूद को जिस पर तू जमा बैठा था! हम इसे जला डालेंगे, और फिर उसकी (राख) को चूरा-चूरा करके समन्दर में बिखेर देंगे।" (आसान तर्जमतुल क़ुरआन)
हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया
लेख

हज़रत तल्हा के इस्लाम क़बूल करने का दिलचस्प वाक़िया

हज़रत तल्हा (रज़ियल्लाहु अन्हु) अपना इस्लाम क़बूल करने का वाक़िया (घटना) बयान करते हुए फ़रमाते हैं कि: एक मर्तबा मैं बुसरा (بصری) के बाज़ार और मेले में मौजूद था, वहाँ एक पादरी अपने गिरजाघर की ऊपरी मंज़िल (बालो-ख़ाने) में रहता था। उसने एक दिन मेरे सामने लोगों से कहा, "इस बाज़ार और मेले वालों से पूछो...

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