कुरान की आयत

فَالَّذِیۡنَ اٰمَنُوۡا وَ عَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ لَہُمۡ مَّغۡفِرَۃٌ وَّ رِزۡقٌ کَرِیۡمٌ(سورۃ الحج)
अनुवाद
फिर जो लोग ईमान ले आए, और नेक अमल करने लगे, तो उनके लिए मग़फ़िरत है, और बा-इज़्ज़त रिज़्क़ है। (50) (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन
लेख

अल्लामा इकबाल का हुज़ूर ﷺ से गहरा प्रेम और आज्ञापालन

शायर-ए-मशरिक़ (पूर्व के कवि) अल्लामा मोहम्मद इकबाल ने सुन्नत-ए-रसूल (पैगंबर की परंपरा) के पालन को अपना शियोवा-ए-हयात (जीवन का तरीका) बना लिया था। "जौहर-ए-इक़बाल" में एक अजीब और बसीरत अफ़रोज़ (ज्ञानवर्धक) घटना का वर्णन किया गया है, जिससे अल्लामा इकबाल के जज़्बा-ए-शौक़ और इतात-ए-रसूल (रसूल के प्रति प्...

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