कुरान की आयत

فَسِیْحُوْا فِی الْاَرْضِ اَرْبَعَةَ اَشْهُرٍ وَّ اعْلَمُوْۤا اَنَّكُمْ غَیْرُ مُعْجِزِی اللّٰهِ وَ اَنَّ اللّٰهَ مُخْزِی الْكٰفِرِیْنَ(۲)(سورۃ التوبہ)
अनुवाद
लिहाज़ा (ऐ मुशरिकों) तुम्हें चार महीने तक इजाज़त है कि तुम (अरब की) सरज़मीन में आज़ादी से घूमो-फिरो, और यह बात जान रखो कि तुम अल्लाह को आजिज़ नहीं कर सकते, और यह बात भी कि अल्लाह अब काफिरों को रुसवा करने वाला है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
एक खामोश सबक़
लेख

एक खामोश सबक़

एक शादी समारोह में, एक सज्जन अपने एक परिचित व्यक्ति के पास गए और पूछा, "क्या आपने मुझे पहचाना?" उन्होंने ध्यान से देखा और कहा, "हाँ, तुम मेरे प्राइमरी स्कूल के छात्र हो। आजकल क्या कर रहे हो?" छात्र ने जवाब दिया, "मैं भी आपकी तरह एक स्कूल टीचर हूँ। और टीचर बनने की यह इच्छा मुझमें सिर्फ़ आपकी वजह से ह...

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