وَ مَا مِنْ دَآبَّةٍ فِی الْاَرْضِ اِلَّا عَلَى اللّٰهِ رِزْقُهَا وَ یَعْلَمُ مُسْتَقَرَّهَا وَ مُسْتَوْدَعَهَا كُلٌّ فِیْ كِتٰبٍ مُّبِیْنٍ(۶)(سورۃ هود)
अनुवाद
और ज़मीन पर चलने वाला कोई जानदार ऐसा नहीं है जिसका रिज़्क़ अल्लाह ने अपने ज़िम्मे न ले रखा हो, वह उसके मुस्तक़िल ठिकाने को भी जानता है, और आरज़ी ठिकाने को भी। हर बात एक वाज़ेह (स्पष्ट) किताब में दर्ज है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)