कुरान की आयत

قُلْ اِنْ كُنْتُمْ تُحِبُّوْنَ اللّٰهَ فَاتَّبِعُوْنِیْ یُحْبِبْكُمُ اللّٰهُ وَ یَغْفِرْ لَكُمْ ذُنُوْبَكُمْ وَ اللّٰهُ غَفُوْرٌ رَّحِیْمٌ(۳۱)(سورۃ آل عمران)
अनुवाद
(ऐ पैगंबर! लोगों से) कह दो कि अगर तुम अल्लाह से मुहब्बत रखते हो तो मेरी इत्तेबा (पैरवी) करो, अल्लाह तुम से मुहब्बत करेगा और तुम्हारी ख़ातिर तुम्हारे गुनाह माफ़ कर देगा। और अल्लाह बहुत माफ़ करने वाला, बड़ा मेहरबान है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)
लेख

कुत्तों के लिए कुर्बानी न कीजिए खुदारा...!! (ईद-उल-अज़हा की एक झकझोर देने वाली कहानी)

यह घटना एक मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़ी है। एक पिता की दास्तान सुनिए जो कुर्बानी करने में असमर्थ है। "बाबा.... बाबा .... हमें भी गोश्त मिलेगा ना?" मैंने कहा: "हाँ-हाँ, क्यों नहीं, बिल्कुल मिलेगा।" "लेकिन बाबा ....पिछली ईद पर तो किसी ने भी हमें गोश्त नहीं दिया था, अब तो पूरा साल हो गया है गो...

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