कुरान की आयत

قُلْ اَنْزَلَهُ الَّذِیْ یَعْلَمُ السِّرَّ فِی السَّمٰوٰتِ وَ الْاَرْضِ اِنَّهٗ كَانَ غَفُوْرًا رَّحِیْمًا(۶)(سورۃ الفرقان)
अनुवाद
कह दो कि: यह कलाम तो उस (अल्लाह) ने नाज़िल किया है जो हर भेद को पूरी तरह जानता है, आसमानों में भी, ज़मीन में भी। बेशक वह बहुत बख़्शने वाला, बड़ा मेहरबान है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ
लेख

हज़रत बिलाल — आशिक-ए-रसूल ﷺ

हज़रत बिलाल (रज़ि.) से एक बार किसी ने पूछा कि "आपने पहली बार हुज़ूर नबी करीम ﷺ को कैसे देखा?" हज़रत बिलाल (रज़ि.) फ़रमाते हैं कि "मैं मक्के के लोगों को बहुत ही कम जानता था। क्योंकि मैं एक ग़ुलाम था और अरब में ग़ुलामों के साथ अमानवीय (ज़ुल्म भरा) सुलूक आम था। उनकी हैसियत से बढ़कर उनसे काम लिया जाता थ...

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