اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِیْنَۙ۔(۲)(سورۃ الفاتحۃ)
अनुवाद
तमाम तारीफ़ें अल्लाह की हैं जो तमाम जहानों का परवरदिगार है। (2) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
यानी: अगर आप किसी इमारत की तारीफ़ करें तो दर-हक़ीक़त वह उसके बनाने वाले की तारीफ़ होती है, लिहाज़ा इस कायनात में जिस किसी चीज़ की तारीफ़ की जाए वह बिलआख़िर अल्लाह तआला ही की तारीफ़ है; क्योंकि वह चीज़ उसी की बनाई हुई है, तमाम जहानों का परवरदिगार कह कर उसी तरफ़ इशारा किया गया है, इंसानों का जहान हो या जानवरों का, सब की तख़्लीक़ और परवरिश अल्लाह तआला ही का काम है और इन जहानों में जो कोई चीज़ क़ाबिले-तारीफ़ है वह अल्लाह तआला की तख़्लीक़ और शान-ए-रूबूबियत की वजह से है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)