कुरान की आयत

وَ لَئِنْ اَخَّرْنَا عَنْهُمُ الْعَذَابَ اِلٰۤى اُمَّةٍ مَّعْدُوْدَةٍ لَّیَقُوْلُنَّ مَا یَحْبِسُهٗ اَلَا یَوْمَ یَاْتِیْهِمْ لَیْسَ مَصْرُوْفًا عَنْهُمْ وَ حَاقَ بِهِمْ مَّا كَانُوْا بِهٖ یَسْتَهْزِءُوْنَ۠(۸)(سورۃ ھود)
अनुवाद
और अगर हम इन लोगों से कुछ अर्से के लिए अज़ाब को मुअख्ख़र कर दें तो वो यही कहते रहेंगे कि: आख़िर किस चीज़ ने इस (अज़ाब) को रोक रखा है? अरे जिस दिन वह अज़ाब आ गया तो वह उनसे टाले नहीं टलेगा, और जिस चीज़ का ये मज़ाक़ उड़ा रहे हैं, वह उनको चारों तरफ़ से घेर लेगी। (8) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन) यानी: यह बात कह कर वो दर असल आख़िरत और अज़ाबे इलाही का मज़ाक़ उड़ाते थे। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज
लेख

दुम कटा लोमड़ और बिगड़ा हुआ समाज

एक लोमड़ (सियार) की दुम (पूंछ) पर पत्थर आ गिरा, और दुम कट गई। एक दूसरे लोमड़ ने जब उसे देखा तो पूछा, "यह तुमने अपनी दुम क्यों काटी?" दुम कटा लोमड़ बोला, "इससे बड़ी खुशी और फरहत (आनंद) महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे हवाओं में उड़ रहा हूँ। वाह!! क्या मनोरंजन है!" बस घेर-घार कर (बहला-फुसलाकर) उ...

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