कुरान की आयत

قُلْ اِنِّیْۤ اُمِرْتُ اَنْ اَعْبُدَ اللّٰهَ مُخْلِصًا لَّهُ الدِّیْنَۙ(۱۱)(سورۃ الزمر)
अनुवाद
कह दो कि: मुझे तो हुक्म दिया गया है कि मैं अल्लाह की इस तरह इबादत करूँ कि मेरी बंदगी ख़ालिस उसी के लिए हो। (11) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
सच्चे प्रेम की परीक्षा और नबी ﷺ की आज्ञाकारिता
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सच्चे प्रेम की परीक्षा और नबी ﷺ की आज्ञाकारिता

मेरे बुख़ारी शरीफ़ के उस्ताद-ए-मोहतरम, साकिन-ए-बक़ी (बक़ी के निवासी), हज़रत अक़दस मौलाना इस्लाम-उल-हक़ साहब रहमतुल्लाह अलैह ने बुख़ारी शरीफ़ के दर्स (व्याख्यान) में एक क़ीमती बात बताई थी कि मोहब्बत का पता टकराव और मुक़ाबले के वक़्त चलता है। मिसाल के तौर पर, आप बज़ाहिर ऐसा महसूस कर रहे हैं कि मुझे अप...

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