कुरान की आयत

اِنَّ الَّذِیْنَ لَا یُؤْمِنُوْنَ بِالْاٰخِرَةِ زَیَّنَّا لَهُمْ اَعْمَالَهُمْ فَهُمْ یَعْمَهُوْنَؕ(۴)(سورۃ النمل)
अनुवाद
हक़ीक़त यह है कि जो लोग आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, हमने उनके आमाल को उनकी नज़रों में ख़ुशनुमा बना दिया है। इसलिए वो भटकते फिर रहे हैं। (4) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन) यानी: उनकी ज़िद की वजह से उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है जिसके नतीजे में वो अपने सारे बुरे आमाल को अच्छा समझते हैं, और हिदायत की तरफ़ नहीं आते। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा
लेख

अल्लाह की रहमत पर कामिल भरोसा

हज़रत मौलाना मोहम्मद अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह जब कोई दुआ मांगते और आंख से कोई आंसू आता, तो हज़रत उन आंसुओं को अपने चेहरे पर मल लिया करते थे। एक बार एक छात्र (طالب علم) ने देख लिया। उसने कहा, "हज़रत! आपका यह अमल किस बिना पर (किस आधार पर) है?" फ़रमाया: "मैं उम्मीद करता हूँ कि अल्लाह तआला इन...

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