कुरान की आयत

وَ مَا یَفْعَلُوْا مِنْ خَیْرٍ فَلَنْ یُّكْفَرُوْهُ وَ اللّٰهُ عَلِیْمٌۢ بِالْمُتَّقِیْنَ(۱۱۵)(سورۃ آل عمران)
अनुवाद
वह जो भलाई भी करेंगे, उसकी हरगिज़ नाक़द्री नहीं की जाएगी, और अल्लाह परहेज़गारों को ख़ूब जानता है। (115) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में
लेख

हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में

हकीमुल उम्मत हज़रत मौलाना अशरफ अली थानवी (रहमतुल्लाही अलैहि) से थाना भवन में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बैअत (आध्यात्मिक दीक्षा) का अनुरोध किया, जिसके जवाब में आपने उन्हें अपना परिचय देते हुए लिखा: "मैं एक खुश्क (सरल/रूखा) तालिब-ए-इल्म (विद्यार्थी) हूँ। इस ज़माने में जिन चीज़ों को दरवेशी (सूफ़ीवाद...

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