कुरान की आयत

وَ اللّٰهُ خَلَقَكُمْ مِّنْ تُرَابٍ ثُمَّ مِنْ نُّطْفَةٍ ثُمَّ جَعَلَكُمْ اَزْوَاجًا وَ مَا تَحْمِلُ مِنْ اُنْثٰى وَ لَا تَضَعُ اِلَّا بِعِلْمِهٖ وَ مَا یُعَمَّرُ مِنْ مُّعَمَّرٍ وَّ لَا یُنْقَصُ مِنْ عُمُرِهٖۤ اِلَّا فِیْ كِتٰبٍ اِنَّ ذٰلِكَ عَلَى اللّٰهِ یَسِیْرٌ(۱۱)(سورۃ فاطر)
अनुवाद
और अल्लाह ने तुम्हें मिट्टी से पैदा किया, फिर नुत्फ़े से, फिर तुम्हें जोड़े-जोड़े बना दिया। और किसी मादा को जो कोई हम्ल होता है, और जो कुछ वह जनती है वह सब अल्लाह के इल्म से होता है। और किसी उम्र-रसीदा को जितनी उम्र दी जाती है, और उसकी उम्र में जो कोई कमी होती है, वह सब एक किताब में दर्ज है। हक़ीक़त यह है कि यह सब कुछ अल्लाह के लिए बहुत आसान है। (11) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
फेक लाइफ (बनावटी जिंदगी) का फितना
लेख

फेक लाइफ (बनावटी जिंदगी) का फितना

इंसान के अख़लाक़ी वजूद (नैतिक अस्तित्व) को जो खतरनाक बीमारियां लाहक (ग्रसित) हैं, उनमें झूठ और मबालगे (अतिशयोक्ति) पर मबनी (आधारित) जिंदगी गुजारने का फितना (बुराई) आज-कल के दौर में सर-ए-फेहरिस्त (शीर्ष पर) है। एक वक्त था कि इंसान की जिंदगी के निजी पहलू पोशीदा (छिपे) रहते थे, मगर सोशल मीडिया और टेक्न...

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