وَ اللّٰهُ یَدْعُوْۤا اِلٰى دَارِ السَّلٰمِ وَ یَهْدِیْ مَنْ یَّشَآءُ اِلٰى صِرَاطٍ مُّسْتَقِیْمٍ(۲۵)(سورۃ یونس)
अनुवाद
और अल्लाह लोगों को सलामती के घर की तरफ़ दावत देता है, और जिसको चाहता है सीधे रास्ते तक पहुँचा देता है। (25) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
यानी: सलामती के घर से मुराद जन्नत है, चुनांचे अल्लाह तआला की तरफ़ से दावत तो तमाम इंसानों के लिए आम है कि वो ईमान और अमले सालेह के ज़रिए जन्नत हासिल करें, लेकिन उस तक पहुँचने का जो सीधा रास्ता है, उस तक अल्लाह तआला उसी को पहुँचाता है जिसे वो अपनी हिकमत से चाहता है। और उसकी हिकमत का तकाज़ा यह है कि उसी को पहुँचाया जाए जो अपने इख़्तियार और हिम्मत को काम में लाकर जन्नत की ज़रूरी शराइत पूरी करे। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)