कुरान की आयत

فَأَمَّا مَنْ أَعْطىٰ وَاتَّقىٰ (۵) وَصَدَّقَ بِالْحُسْنىٰ (۶) فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْيُسْرىٰ (۷) وَأَمَّا مَن بَخِلَ وَاسْتَغْنىٰ (۸) وَكَذَّبَ بِالْحُسْنىٰ (۹)فَسَنُيَسِّرُهُ لِلْعُسْرىٰ(۱۰)(سورۃ اللیل)
अनुवाद
अब जिस किसी ने (अल्लाह के रास्ते में माल) दिया, और तक़्वा इख़्तियार किया (5) और सब से अच्छी बात को दिल से माना (6) तो हम उसको आराम की मंज़िल तक पहुँचने की तैयारी करा देंगे (7) रहा वह शख़्स जिसने बुख़्ल से काम लिया और (अल्लाह से) बे-नियाज़ी इख़्तियार की (8) और सब से अच्छी बात को झुठलाया (9) तो हम उसको तकलीफ़ की मंज़िल तक पहुँचने की तैयारी करा देंगे (10)। (आसान तर्जुमा-उल-क़ुरआन)
रिश्तेदारी तोड़ने (क़ता-ए-रहमी) का अज़ाब (अल-ज़वाज़िर का एक वाक़िया)
लेख

रिश्तेदारी तोड़ने (क़ता-ए-रहमी) का अज़ाब (अल-ज़वाज़िर का एक वाक़िया)

अल्लामा इब्न-ए-हजर हैतमी रहमतुल्लाही अलैहि की किताब है "अज़-ज़वाज़िर अन इक़्तिराफ़िल कबाइर"। इसमें उन्होंने एक वाक़िया लिखा है: एक शख़्स हज के इरादे से गया और जब हज करने लगा तो उसने मक्का में पूछा कि सबसे अमानतदार शख़्स कौन है? तो बतलाया गया कि फ़लाँ शख़्स है। तो वह उसके पास गया और अपने एक हज़ार दीन...

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