कुरान की आयत

وَ مَا مِنْ غَآئِبَةٍ فِی السَّمَآءِ وَ الْاَرْضِ اِلَّا فِیْ كِتٰبٍ مُّبِیْنٍ(۷۵)(سورۃ النمل)
अनुवाद
और आसमान और ज़मीन की कोई पोशीदा (छुपी हुई) चीज़ ऐसी नहीं है जो एक वाज़ेह (स्पष्ट) किताब में दर्ज न हो। (75) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन) यानी: इससे मुराद लौह-ए-महफ़ूज़ है। (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में
लेख

हजरत मौलाना अशरफ अली साहब थानवी खुद अपनी नजर में

हकीमुल उम्मत हज़रत मौलाना अशरफ अली थानवी (रहमतुल्लाही अलैहि) से थाना भवन में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बैअत (आध्यात्मिक दीक्षा) का अनुरोध किया, जिसके जवाब में आपने उन्हें अपना परिचय देते हुए लिखा: "मैं एक खुश्क (सरल/रूखा) तालिब-ए-इल्म (विद्यार्थी) हूँ। इस ज़माने में जिन चीज़ों को दरवेशी (सूफ़ीवाद...

अन्य किताबें

अधिक पुस्तकें

Latest Naats

More Naats

ट्रेंडिंग न्यूज़

सभी समाचार