भला वह कौन है जो ख़ुश्की और समंदर के अंधेरों में तुम्हें रास्ता दिखाता है और जो अपनी रहमत (की बारिश) से पहले हवाएँ भेजता है जो तुम्हें (बारिश की) ख़ुशख़बरी देती हैं? क्या (फिर भी तुम कहते हो कि) अल्लाह के साथ कोई और ख़ुदा है? (नहीं! बल्कि) अल्लाह उस शिर्क से बहुत बाला व बरतर है जिसका इर्तिकाब ये लोग कर रहे हैं। (63) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
दो औरतें क़ाज़ी इब्न अबी लैला की अदालत में पहुँचीं, यह अपने ज़माने के मशहूर और जाने-माने क़ाज़ी थे।
क़ाज़ी ने पूछा, "तुम दोनों में से किसे पहले बात करनी है?"
उनमें से बड़ी उम्र वाली महिला ने दूसरी से कहा, "तुम अपनी बात क़ाज़ी साहब के सामने रखो।"
वह कहने लगी, "क़ाज़ी साहब, यह मेरी फूफी (बुआ)...