कुरान की आयत

وَ لَقَدْ اَنْزَلْنَاۤ اِلَیْكُمْ اٰیٰتٍ مُّبَیِّنٰتٍ وَّ مَثَلًا مِّنَ الَّذِیْنَ خَلَوْا مِنْ قَبْلِكُمْ وَ مَوْعِظَةً لِّلْمُتَّقِیْنَ۠(۳۴)(سورۃ النور)
अनुवाद
और हमने वह आयतें भी उतार कर तुम तक पहुँचा दी हैं जो हर बात को वाज़ेह करने वाली हैं और उन लोगों की मिसालें भी जो तुम से पहले गुज़र चुके हैं, और वह नसीहत भी जो अल्लाह से डरने वालों के लिए कारआमद है। (34) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
हासिद (ईर्ष्यालु) की सज़ा, आपका सब्र है
लेख

हासिद (ईर्ष्यालु) की सज़ा, आपका सब्र है

इमाम अबू हनीफ़ा (रहमतुल्लाही अलैहि) के वालिद साहब का इंतक़ाल हो गया। तीन दिन ताज़ियत (शोक) के लिए बैठे रहे, तीन दिन के बाद बाहर निकल कर चौक में आ गए। एक शख़्स आपका हासिद (ईर्ष्या करने वाला) था और सख़्त विरोधी था, सारा इलाक़ा जानता था कि वह आपका मुख़ालिफ़ (विरोधी) है। जब आप बाहर निकले तो चौक में बहुत...

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