कुरान की आयत

اِنَّ الَّذِیْنَ یُحِبُّوْنَ اَنْ تَشِیْعَ الْفَاحِشَةُ فِی الَّذِیْنَ اٰمَنُوْا لَهُمْ عَذَابٌ اَلِیْمٌ فِی الدُّنْیَا وَ الْاٰخِرَةِ وَ اللّٰهُ یَعْلَمُ وَ اَنْتُمْ لَا تَعْلَمُوْنَ(۱۹)(سورۃ النور)
अनुवाद
याद रखो कि जो लोग यह चाहते हैं कि ईमान वालों में बेहयाई फैले, उनके लिए दुनिया और आख़िरत में दर्दनाक अज़ाब है। और अल्लाह जानता है और तुम नहीं जानते। (19) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
बाप का आखिरी खत
लेख

बाप का आखिरी खत

कहानी का शीर्षक: "पिताजी ने कहा था जल्दी वापस आऊँगा... मगर ग्यारह साल बीत गए" मैं सिर्फ़ आठ साल का था जब पिताजी ने घर से जाते हुए मेरे सिर पर हाथ रखा और मुस्कुरा कर कहा: "बेटा, बस कुछ महीनों की बात है... फिर मैं वापस आ जाऊँगा।" उस समय मुझे नहीं पता था कि कुछ "चंद महीने" पूरा बचपन निगल जाते हैं। ह...

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