कुरान की आयत

وَ لَا یَحْزُنْكَ الَّذِیْنَ یُسَارِعُوْنَ فِی الْكُفْرِ اِنَّهُمْ لَنْ یَّضُرُّوا اللّٰهَ شَیْئًا یُرِیْدُ اللّٰهُ اَلَّا یَجْعَلَ لَهُمْ حَظًّا فِی الْاٰخِرَةِ وَ لَهُمْ عَذَابٌ عَظِیْمٌ(۱۷۶)(سورۃ آل عمران)
अनुवाद
और (ऐ पैगंबर!) जो लोग कुफ़्र में एक दूसरे से बढ़कर तेज़ी दिखा रहे हैं, वह तुम्हें सदमे में न डालें, यक़ीन रखो वह अल्लाह का ज़रा भी नुक़सान नहीं कर सकते, अल्लाह यह चाहता है कि आख़िरत में उनका कोई हिस्सा न रखे, और उनके लिए ज़बरदस्त अज़ाब (तैयार) है। (176) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा
लेख

गुलाम का आका को हकीमाना (बुद्धिमत्तापूर्ण) तमाचा

जंग-ए-इस्कंदरिया (सिकंदरिया के युद्ध) में रूमी एक किले में बंद थे और मुसलमानों ने उस किले की घेराबंदी (محاصرہ) कर रखी थी। एक रोज़ रूमी मैदान में निकले और सिपहसालार हज़रत अम्र बिन अल-आस (रज़ियल्लाहु अन्हु) चंद सवारों को लेकर उनके मुक़ाबले हुए, घमासान की लड़ाई हुई। मुसलमान रूमियों को दबाते हुए बराबर क...

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