कुरान की आयत

اِنَّ الَّذِیْنَ یَرْمُوْنَ الْمُحْصَنٰتِ الْغٰفِلٰتِ الْمُؤْمِنٰتِ لُعِنُوْا فِی الدُّنْیَا وَ الْاٰخِرَةِ وَ لَهُمْ عَذَابٌ عَظِیْمٌۙ(۲۳)یَّوْمَ تَشْهَدُ عَلَیْهِمْ اَلْسِنَتُهُمْ وَ اَیْدِیْهِمْ وَ اَرْجُلُهُمْ بِمَا كَانُوْا یَعْمَلُوْنَ(۲۴)(سورۃ النور)
अनुवाद
याद रखो कि जो लोग पाक दामन भोली-भाली मुसलमान औरतों पर तोहमत लगाते हैं उन पर दुनिया और आख़िरत में फटकार पड़ चुकी है, और उनको (उस दिन) ज़बरदस्त अज़ाब होगा। (23) जिस दिन ख़ुद उनकी ज़बानें, उनके हाथ और उनके पाँव उनके ख़िलाफ़ उस करतूत की गवाही देंगे जो वह करते रहे हैं। (24) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
ये हालात बदलते क्यों नहीं?
लेख

ये हालात बदलते क्यों नहीं?

मुही-उस-सुन्नत हज़रत शाह अबरार-उल-हक़ से कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुसलमानों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही हैं, खानक़ाहों और मदरसों में दुआओं का खूब प्रबंध हो रहा है, अल्लाह वाले लगातार अल्लाह के हुज़ूर दुआएं कर रहे हैं, लेकिन मुसलमानों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं और हालात बद से बदतर...

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