कुरान की आयत

ءَاَنْتُمْ اَشَدُّ خَلْقًا اَمِ السَّمَآءُ بَنٰىهَاٙ(۲۷)(سورۃ النازعات)
अनुवाद
(इंसानों!) क्या तुम्हें पैदा करना ज़्यादा मुश्किल है या आसमान को? उसको अल्लाह ने बनाया है। (27) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन) यानी: अरब के काफ़िर लोग मरने के बाद दोबारा ज़िन्दा होने का जो इंकार करते थे, उसकी वजह यह थी कि वह किसी मुर्दे के ज़िन्दा होने को बहुत मुश्किल समझते थे। अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि कायनात की दूसरी चीज़ों, मसलन आसमान, के मुक़ाबले में इंसान को पैदा करना ज़्यादा आसान है, अगर तुम मानते हो कि आसमान अल्लाह तआला ने पैदा फ़रमाया है तो फिर इंसान को दोबारा पैदा करना उसके लिए क्या मुश्किल है? (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या
लेख

अल्लाह की मर्ज़ी अल्लाह ही जाने: एक इबरतअंगेज़ वाक़या

सामान से लदा हुआ एक बहरी जहाज़ (समुद्री जहाज़) महवे-सफ़र था कि तेज़ हवाओं की वजह से वह उलटने लगा। क़रीब था कि जहाज़ डूब जाता, उसमें मौजूद ताज़िरों (व्यापारियों) ने कहा कि बोझ हल्का करने के लिए कुछ सामान समंदर बुर्द (समुद्र में डालना) करते हैं। ताज़िरों ने मशविरा करके तय किया कि सबसे ज़्यादा सामान जि...

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