कुरान की आयत

اَفَمَنْ كَانَ عَلٰى بَیِّنَةٍ مِّنْ رَّبِّهٖ كَمَنْ زُیِّنَ لَهٗ سُوْٓءُ عَمَلِهٖ وَ اتَّبَعُوْۤا اَهْوَآءَهُمْ(۱۴)(سورۃ محمد)
अनुवाद
अब बताओ कि जो लोग अपने परवरदिगार (पालहार) की तरफ़ से एक रौशन रास्ते पर हों, क्या वह उन जैसे हो सकते हैं जिनकी बदकारी ही उनके लिए ख़ुशनुमा (आकर्षक) बना दी गई हो, और वह अपनी नफ़्सानी ख़्वाहिशात (वासनाओं) के पीछे चलते हों? (14) (आसान तर्जुमतुल क़ुरआन)
आदात, अख़लाक़ और तर्ज़-ए-अमल ख़ून और नस्ल दोनों की पहचान करा देते हैं
लेख

आदात, अख़लाक़ और तर्ज़-ए-अमल ख़ून और नस्ल दोनों की पहचान करा देते हैं

एक बादशाह के दरबार में एक अजनबी नौकरी की तलब लिए हाज़िर हुआ, क़ाबिलियत पूछी गई, कहा कि मैं सियासी हूँ। बादशाह के पास सियासतदानों की भीड़ रहती थी, उसे ख़ास घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज बना लिया गया, जो हाल ही में फ़ौत हो चुका था। चंद दिन बाद बादशाह ने उससे अपने सबसे महँगे और अज़ीज़ घोड़े के मुतअल्लिक़...

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