भारत में कोरोना की स्थिति: हाल के दिनों में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट की मौजूदा लहर वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है। हांगकांग और सिंगापुर से शुरू हुआ यह संक्रमण भारत में तेजी से फैल रहा है। लगभग 15 दिनों में भारत में कोरोना के सक्रिय मामलों में 30 गुना वृद्धि हुई है। 22 मई को कुल सक्रिय मामले 257 थे, जो 8 जून तक बढ़कर 6,133 हो गए। कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी प्रतिदिन बढ़ रही है। राज्यों में मामलों का विवरण: केरल में अभी भी कोरोना के सबसे अधिक मामले हैं, जहां कुल 1,950 मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 24 घंटों में 144 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद गुजरात में 822, दिल्ली में 686, महाराष्ट्र में 595, कर्नाटक में 366, उत्तर प्रदेश में 291, तमिलनाडु में 194, राजस्थान में 132 और हरियाणा में 102 मामले दर्ज किए गए हैं। ये सभी आंकड़े 7 जून को जारी किए गए थे। पिछले 24 घंटों में मौतें: पिछले 24 घंटों में केरल में तीन कोरोना मरीजों की मौत हुई, जबकि कर्नाटक में दो और तमिलनाडु में एक मौत दर्ज की गई। विशेषज्ञों का बयान: डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना मामलों में लगातार वृद्धि चिंता का विषय है। हाँ, खतरा तो है, लेकिन इससे डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। भारत में फैल रहा उप-प्रकार ओमिक्रॉन स्ट्रेन परिवार से है, जिसके लक्षण ज़्यादातर लोगों में हल्के होते हैं, कुछ लोगों में लक्षण दिखाई ही नहीं देते, और यह आम जनता के लिए ज़्यादा हानिकारक नहीं है। हालांकि, सभी लोगों को सावधानियों का गंभीरता से पालन करना चाहिए। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, उन पर इस संक्रमण का ज़्यादा असर नहीं पड़ता। लेकिन चिंता की बात यह है कि संक्रमित व्यक्ति वायरस के वाहक बन सकते हैं, जिससे पहले से बीमार या बुज़ुर्ग लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि हर कोई संक्रमण से बचाव के उपाय करता रहे।