राजस्थान के कोटा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 17 वर्षीय छात्र श्लोक गुर्जर खेलते समय सिर में गोली लगने से घायल हो गया। गोली कान से होते हुए सिर के निचले हिस्से को चीरती हुई दाहिनी जबड़े से गुजरी और मांस में फंस गई, लेकिन लड़का बच गया। यह घटना सुनकर विश्वास करना मुश्किल है कि गोली इस तरह से गुजरने के बावजूद लड़का बच गया। **घटना का विवरण** यह घटना पिछले शनिवार को कोटा के रामगंज मंडी थाना क्षेत्र में घटी। कक्षा 10 में पढ़ने वाला श्लोक गुर्जर अपने पड़ोस में दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी अचानक वह गिर गया और बेहोश हो गया। उसके कान से खून बह रहा था। परिवार वालों ने उसे तुरंत अस्पताल ले गए, यह सोचकर कि यह खेल के दौरान लगी चोट है। शुरुआती इलाज के बाद वह ठीक हो गया और खाने-पीने लगा। हालांकि, माता-पिता ने झालावाड़ जिला अस्पताल में एक डॉक्टर से सलाह ली, जिसने मुंह में कुछ असामान्य देखा और उन्हें कोटा के किसी डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी। दो दिन पहले यह मामला वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. ममराज अग्रवाल के पास पहुंचा, जो एक्स-रे देखकर दंग रह गए। **डॉक्टर का बयान** डॉ. ममराज ने मीडिया को बताया। "गुरुवार को हमने सर्जरी करके गाल में फंसी गोली निकाली। मैंने अपने 38 साल के करियर में ऐसा मामला कभी नहीं देखा। गोली कान से अंदर घुसी, सिर के निचले हिस्से को चीरती हुई दाहिने जबड़े में फंस गई। अगर गोली 1-2 मिलीमीटर ऊपर या नीचे होती, तो मरीज की मौत हो सकती थी, क्योंकि दिमाग को खून पहुंचाने वाली धमनियां दोनों तरफ होती हैं।" **लड़के का बयान और पुलिस जांच** घटना के बाद तीन दिन तक श्लोक डरा हुआ था और उसने गोली के बारे में किसी को नहीं बताया। उसके पिता सुरेश गुज्जर ने बताया कि झालावाड़ में चेहरे का एक्स-रे कराया गया, जहां दंत चिकित्सक को कुछ असामान्य दिखा। उनकी सलाह पर वे श्लोक को कोटा ले आए। रास्ते में श्लोक ने बताया कि गिरने से पहले उसने गोली चलने जैसी आवाज सुनी थी। रामगंज मंडी पुलिस स्टेशन के सर्कल इंस्पेक्टर मनोज सक्रवाल ने बताया, "यह 45 बोरो की गोली है, जिसका पता सर्जरी के दौरान चला। जांच जारी है।"