दिल्ली के कारोबारी समुदाय पर INDIA गठबंधन की रैली के असर को लेकर रविवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कनॉट प्लेस की दुकानें जबरन बंद करवा दीं, ताकि रैली में आए लोग खरीदारी न कर सकें। उन्होंने रामलीला मैदान की मेगा रैली के दौरान खुली बस में बैठकर वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल ने कहा, "हमने मार्च और मेगा रैली में आने वाले सभी लोगों से खरीदारी करने के लिए भी कहा था। लेकिन जब हम कनॉट प्लेस पहुंचे, तो देखा कि भाजपा ने जबरन सारी दुकानें बंद करवा दी हैं। लोगों को समझना चाहिए कि व्यापारियों के नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार है।" उन्होंने 31 अक्टूबर को अपील की थी कि रैली में जाने वाले लोग शॉपिंग जरूर करें, ताकि दिवाली से पहले व्यापारियों को फायदा हो।
भाजपा का पलटवार
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल की आलोचना करते हुए कहा कि व्यापारी, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे दुकानदार धनतेरस, दिवाली और छठ के कारोबार पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। उन्होंने CTI की उस गुजारिश का हवाला दिया, जिसमें सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं से त्योहारों में दिल्ली में बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों पर पुनर्विचार करने को कहा गया था। नड्डा का दावा है कि पहले के प्रदर्शनों से दिल्ली के व्यापारियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और इस रैली से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है।
व्यापारी संगठनों की चिंता
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने चेताया कि रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे की करीब 2.5 लाख दुकानें प्रभावित हो सकती हैं।
उनका अनुमान है कि 20 बाजारों में त्योहारों के दौरान होने वाले 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये के रोजाना कारोबार में रुकावट आ सकती है।
'फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन' ने भी रैली टालने की मांग की थी। उसके मुताबिक धनतेरस से दिवाली के बीच करीब 25,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।