चक्रवात 'अर्नब' का असर खत्म हुआ भी नहीं था कि बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान की चेतावनी जारी हो गई है। IMD के मुताबिक, खाड़ी के ऊपर बना 'डिप्रेशन' मजबूत होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। यह आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ते हुए 3 नवंबर की सुबह तट से टकरा सकता है। अगर यह साइक्लोन बनता है, तो इसका नाम 'मुरासु' होगा, जो भारत का सुझाया नाम है। यह इस साल बंगाल की खाड़ी में आने वाला दूसरा चक्रवात हो सकता है।
कितनी होगी रफ्तार?
IMD के डायरेक्टर मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, इस सिस्टम से 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
मछुआरों के लिए चेतावनी
4 नवंबर की दोपहर तक समुद्र में न जाने की सलाह।
पहले से समुद्र में मौजूद लोगों को तट पर लौटने के निर्देश।
पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पूर्व और मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्से नावों के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
कहां होगी भारी बारिश?
2 और 3 नवंबर: आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बहुत भारी बारिश, कुछ इलाकों में भारी बारिश।
3 और 4 नवंबर: दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश की संभावना।
नवंबर में कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार, नवंबर 2026 में देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम काफी हद तक सूखा रहेगा।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य औसत का 77% से भी कम बारिश होने की संभावना है।
मध्य, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर इलाकों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
कई क्षेत्रों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान मौसमी औसत से ऊपर रह सकता है। हिमालय की तलहटी और मध्य व पूर्वी भारत के कुछ हिस्से अपवाद हो सकते हैं।
IMD ने इसके लिए आंशिक रूप से 'अल नीनो' की लगातार मजबूत स्थिति को जिम्मेदार बताया है, जबकि 'इंडियन ओशन डाइपोल' के तटस्थ रहने की उम्मीद है।
मानसून की वापसी और पूर्वोत्तर मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर से शुरू हुई लगभग सामान्य वापसी प्रक्रिया के बाद 14-15 अक्टूबर के आसपास भारत से विदा हो गया। 15 अक्टूबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में पूर्वोत्तर मानसून ने दस्तक दी।
नोट: यह जानकारी IMD के पूर्वानुमान पर आधारित है, जो सिस्टम के रास्ते और तीव्रता के साथ बदल सकती है। ताजा अपडेट के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन की सूचनाएं देखें।