पंजाब के 23 जिले भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं, जिसे पिछले चार दशकों की सबसे भीषण आपदा बताया जा रहा है। 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं, जबकि 1,400 से अधिक गांव जलमग्न हैं। सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के उफान और बांधों से पानी छोड़े जाने से तबाही और बढ़ गई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल राहत पैकेज की मांग की है, जबकि सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। बाढ़ से तबाही: 31 अगस्त से शुरू हुई लगातार बारिश ने पंजाब को बाढ़ग्रस्त दलदल में बदल दिया है। गुरदासपुर, फिरोजपुर, कपूरथला, अमृतसर और होशियारपुर सहित 12 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां 35 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सतलुज और रावी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जबकि भाखरा और पोंग बांध पूरी तरह भरे हुए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे "हाल के इतिहास की सबसे भीषण आपदा" बताया और कहा, "हम अपने लोगों के पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।" फिरोजपुर में सेना और स्थानीय लोग हबीब बांध के तटबंधों की मरम्मत कर रहे हैं, जबकि अमृतसर के अजनाला में... सड़कें जलमग्न हैं। 7,100 से अधिक लोग 129 से अधिक राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, लेकिन लाखों लोग अपनी जमीन और पशुधन की रक्षा के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रह रहे हैं। पशुधन और 1.5 लाख एकड़ कृषि भूमि के नुकसान ने किसानों को विकट परिस्थितियों में डाल दिया है। राजनीतिक और वैश्विक प्रतिक्रिया: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्विटर पर लिखा: 'बाढ़ ने पंजाब में व्यापक तबाही मचाई है। मोदी जी, तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करें।' मुख्यमंत्री मान ने प्रधानमंत्री से 60,000 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की मांग की है। पंजाब पुलिस के डीजीपी ने सभी आईपीएस अधिकारियों के एक दिन के वेतन को राहत कोष में दान करने की घोषणा की है। खालसा एड जैसे वैश्विक संगठनों ने फिरोजपुर, कपूरथला और गुरदासपुर में राहत गतिविधियां शुरू कर दी हैं। चुनौतियां और भविष्य: बाढ़ ने बुनियादी ढांचे, स्कूलों और घरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन ने बारिश की तीव्रता बढ़ा दी है, जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। खराब संचार व्यवस्था और जलमग्न सड़कों के कारण राहत टीमों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा पीड़ितों के लिए तत्काल राहत और पुनर्वास योजनाओं की घोषणा की गई। "इस विपत्ति में हमारे लोग अकेले नहीं हैं। हम सब मिलकर इस संकट से बाहर निकलेंगे।" - भगवंत मान। संदर्भ: इंडिया टुडे, द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, फ्री प्रेस जर्नल, टाइम्स ऑफ इंडिया, एक्स-पोस्ट