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बम की धमकी के बाद सऊदी एयरलाइंस के हज विमान ने इंडोनेशिया में आपातकालीन लैंडिंग की।

पृष्ठभूमि: इंडोनेशियाई विमानन प्राधिकरण के अनुसार, मंगलवार को सुबह 7:30 बजे (0030 जीएमटी) एक अज्ञात व्यक्ति से एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें सऊदी एयरलाइंस की उड़ान एसवी 5276 को "बम से उड़ाने" की धमकी दी गई थी। यह उड़ान जेद्दा से इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता स्थित सोकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी। इस उड़ान में 207 पुरुषों और 235 महिलाओं सहित 442 तीर्थयात्री सवार थे। आपातकालीन उपाय: सुबह 10:00 बजे के बाद, पायलट ने सुरक्षा जोखिमों को भांपते हुए, जकार्ता के बजाय पास के हवाई अड्डे, मेडान स्थित कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान उतारने का फैसला किया। इंडोनेशियाई हवाई अड्डा संचालक इन जर्नी एयरपोर्ट्स के अनुसार, "पायलट ने सुरक्षा जोखिमों की पहचान की और पास के हवाई अड्डे पर उतरने का निर्णय लिया।" विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 10:44 बजे कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतरा और उसे एक अलग पार्किंग क्षेत्र में ले जाया गया। हवाई अड्डे से तुरंत सभी तीर्थयात्रियों को निकाल लिया गया, जबकि पुलिस की विस्फोटक आयुध निरोधक (ईओडी) टीम ने विमान को निष्क्रिय कर दिया। विमान की तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसमें कोई विस्फोटक सामग्री न हो। तैयारी और प्रतिक्रिया: इन जर्नी एयरपोर्ट्स ने कहा कि सोकार्नो-हट्टा और कुआलालंपुर दोनों हवाई अड्डों ने अपने आपातकालीन संचालन केंद्र (ईओसी) सक्रिय कर दिए थे और हवाई अड्डे की सुरक्षा समितियों ने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन जर्नी एयरपोर्ट्स के कॉर्पोरेट सचिव अनाक अगुंग नगुराह पेरनाजाया ने कहा, "हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हर समय यात्रियों और हवाई अड्डे के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा है।" इंडोनेशियाई परिवहन मंत्रालय के एक अधिकारी ने एएफपी को बताया कि विमान अभी भी जमीन पर है, और फ्लैट रडार 24 ने इसकी पुष्टि की। वैश्विक संदर्भ: यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तीर्थयात्रियों की वापसी जारी है। सऊदी अरब में हज तीर्थयात्रा 4 से 9 जून, 2025 तक होनी है, जिसमें इंडोनेशिया सहित दुनिया भर से लाखों तीर्थयात्री शामिल होते हैं। ऐसी घटनाएं विमानन क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती हैं, खासकर जब धार्मिक पर्यटन जैसी संवेदनशील यात्रा की बात आती है। कुआलालंपुर और सोकार्नो-हट्टा हवाई अड्डों की त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया ने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यात्रियों का विश्वास बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निष्कर्ष:

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