14 जून, 2025, नई दिल्ली (सुबह 6:17 बजे भारतीय समय) - इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इजरायली हमलों में शीर्ष ईरानी कमांडरों की हत्या के प्रतिशोध में ईरान ने शुक्रवार रात 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के तहत तेल अवीव और अन्य इजरायली शहरों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला मेजर जनरल मोहम्मद बाक़ेरी, आईआरजीसी प्रमुख मेजर जनरल हुसैन सलामी और एयरोस्पेस कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीज़ादेह की हत्या के प्रतिशोध में किया गया था। इजरायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था और इस्फ़हान परमाणु संयंत्र पर हमले का दावा किया था, लेकिन ईरान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि 'ऑपरेशन राइजिंग लाइन' को नवंबर 2024 में मंजूरी दी गई थी, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ बड़े हमलों की योजना है। तेहरान हवाई अड्डे पर हमला: शनिवार सुबह तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर दो मिसाइलों से हमला हुआ, जिससे आग और धुआं फैल गया। ईरानी मीडिया ने विस्फोटों की फुटेज जारी की, लेकिन नुकसान का विवरण स्पष्ट नहीं था। ईरान को लेकर इज़राइल की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मिसाइल हमलों के बाद तेल अवीव, यरुशलम और अन्य शहरों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने हवाई हमले के सायरन बजा दिए, जिससे लाखों नागरिक शरणार्थियों की तरह भागने लगे। इजरायली टीवी ने तेल अवीव में धुएं के बादल दिखाए, लेकिन तत्काल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी। आईडीएफ ने नागरिकों से हमलों के फुटेज साझा न करने का आग्रह किया। नतीजा यह हुआ कि इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष विश्व शांति के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। दोनों देशों के हमलों ने मध्य पूर्व को युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है। आगे की तबाही को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।